आगरा, उत्तर प्रदेश: 2026 का ताज महोत्सव आगरा में इतिहास और आधुनिकता के संगम के रूप में आयोजित होगा और इस बार शिल्प और हस्तशिल्प पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह महोत्सव केवल पर्यटन का अवसर नहीं होगा, बल्कि आगरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प और स्थानीय कलाकारों को वैश्विक मंच पर पेश करने का एक अनोखा अवसर बनेगा।
ताज महोत्सव का इतिहास: ताज महोत्सव की शुरुआत 1992 में हुई थी, और तब से यह आगरा की संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख कार्यक्रम बनता चला आ रहा है। 2026 में महोत्सव का आयोजन इस बार शिल्प-केंद्रित होगा, ताकि आगरा का पारंपरिक हस्तशिल्प, पार्चिनकारी, मोती की कारीगरी और अन्य कला रूप अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनें।
इस बार महोत्सव में आगरा के शिल्पियों को मुख्य आकर्षण बनाया जाएगा। कलाकार ताज नगरी के इतिहास और संस्कृति को अपनी कृतियों में जीवंत करेंगे और साथ ही उनके हस्तशिल्प की लाइव डेमो और कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी। नृत्य, संगीत और थिएटर कार्यक्रम महोत्सव को और रंगीन बनाएंगे। आगरा की प्रसिद्ध मिठाइयाँ और स्थानीय व्यंजन भी अंतरराष्ट्रीय सैलानियों के अनुभव को यादगार बनाएंगे।
सैलानियों के लिए महोत्सव को और आकर्षक बनाने के लिए ताजमहल के आसपास नए selfie पॉइंट्स और सजावट की जाएगी। प्रशासन ट्रैफिक और नेविगेशन को सहज बनाने के लिए विशेष इंतजाम करेगा, ताकि पर्यटक महोत्सव का आनंद बिना किसी बाधा के ले सकें।
यह महोत्सव न केवल संस्कृति का उत्सव होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और शिल्पियों के लिए वैश्विक मंच भी बनेगा। होटल, छोटे व्यवसाय और हस्तशिल्प




