31 जनवरी 2026

दयालबाग: आगरा का शांत और आध्यात्मिक ठिकाना

 

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित दयालबाग, आगरा शहर का एक अनोखा और शांत क्षेत्र है। अगर आप शहर की भीड़-भाड़ और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ कुछ शांति, हरियाली और आध्यात्मिक अनुभव की तलाश में हैं, तो दयालबाग आपके लिए एक आदर्श जगह है। यह स्थान न केवल अपनी स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन यात्रियों को आकर्षित करता है।

दयालबाग का इतिहास

दयालबाग की स्थापना 1915 में हुई थी और यह दयालबाग समाज का मुख्य केंद्र है। यह समाज आचार्य मैत्रेय और उनके अनुयायियों द्वारा स्थापित किया गया था और यहाँ का जीवन साधारणता, सेवा और आध्यात्मिकता पर आधारित है। आगरा के अन्य हिस्सों की तुलना में यह क्षेत्र साफ-सुथरा, व्यवस्थित

29 जनवरी 2026

ताज महोत्सव 2026 आगरा में 18 से 27 फरवरी तक

 

ताज महोत्सव 2026 इस वर्ष 18 से 27 फरवरी तक आगरा में आयोजित किया जाएगा और इसकी तैयारियाँ  अंतिम चरण में हैं। आगरा मंडलायुक्त श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में ताज महोत्सव समिति की बैठक हाल ही में संपन्न हुई, जिसमें आयोजन की सभी तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया।
बैठक में बताया गया कि प्रकाशन, होर्डिंग, कंपोजिट वर्क, इवेंट मैनेजमेंट और पार्किंग सहित सभी कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं और कार्यक्रम स्थल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। मंडलायुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि जिलाधिकारी, नगरायुक्त और एडीए उपाध्यक्ष के साथ

25 जनवरी 2026

आगरा: मुगल काल से अंतरराष्ट्रीय जूतों का शहर

 

आगरा, जो ताजमहल और ऐतिहासिक किलों के लिए प्रसिद्ध है, अपनी जूते बनाने की परंपरा के लिए भी जाना जाता है। यह कहानी मुगल काल से शुरू होती है। उस समय आगरा मुगलों की राजधानी थी और यहाँ के कारीगर शाही दरबार के लिए सलीकेदार और टिकाऊ चमड़े के जूते बनाते थे।

दिलचस्प तथ्य यह है कि व्यापारी अरब देशों से ऊँटों पर आकर आगरा आते थे। वे अपने साथ चमड़े के विशेष थैलों में पानी लेकर यात्रा करते थे, ताकि लंबी और कठिन यात्रा के दौरान उनकी प्यास बुझती रहे। इन व्यापारियों ने आगरा के कारीगरों से चमड़े और जूतों का लेन-देन

23 जनवरी 2026

मंडाना वॉल पेंटिंग: सवाई माधोपुर की गाँवों में जीवित कला

 

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की ग्रामीण संस्कृति में मंडाना पेंटिंग की परंपरा सदियों से जीवित है। यह कला मुख्य रूप से गाँव की महिलाओं द्वारा घरों की दीवारों और आंगनों पर बनाई जाती है और इसे धार्मिक और सांस्कृतिक अवसरों के लिए सजावट का माध्यम माना जाता है।

मंडाना पेंटिंग की शुरुआत तब होती है जब महिलाएं मिट्टी और गोबर की मिश्रित सतह तैयार करती हैं। इसके बाद चाक या चूने के पानी से जटिल डिज़ाइन खींचे जाते हैं। इन डिज़ाइनों में अक्सर पक्षी, जानवर, फूल, ज्यामितीय आकृतियाँ और गाँव का रोजमर्रा का जीवन चित्रित होता है।मंडाना पेंटिंग की विशेषताएँ और महत्व : इस कला की विशेषता इसकी सादगी और प्राकृतिक सौंदर्य है। इसमें उपयोग होने वाले

19 जनवरी 2026

विदेशों में भी छा गया शर्मा जी वेजिटेरियन रेस्टोरेंट, भारतीय खाने का ग्लोबल जलवा

 

भारतीय शाकाहारी भोजन की खुशबू अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही है। यह स्वाद दुनिया के कई देशों में लोगों की पसंद बन रहा है, और इसी बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है शर्मा जी वेजिटेरियन रेस्टो। विदेशों में रहने वाले भारतीयों के साथ-साथ विदेशी नागरिक भी अब इस रेस्टोरेंट के पारंपरिक भारतीय शाकाहारी व्यंजनों के दीवाने हो चुके हैं।

शर्मा जी वेजिटेरियन रेस्टो ने सबसे पहले खाड़ी देशों में अपनी मजबूत पहचान बनाई। दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में इसके आउटलेट्स तेजी से लोकप्रिय हुए। यहाँ काम करने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह रेस्टो घर के खाने जैसा अनुभव देता है, वहीं स्थानीय लोग भी भारतीय मसालों और शाकाहारी थाली का स्वाद लेने बड़ी संख्या में पहुँचते हैं।

17 जनवरी 2026

नागपुर से नीदरलैंड तक: शिशु से मेयर तक की अद्भुत यात्रा

 

10 फरवरी 1985 को महाराष्ट्र के नागपुर में एक बच्चे का जन्म हुआ। जन्म के तीन दिन बाद ही उसकी माँ ने उसे छोड़ दिया। शिशु करीब एक महीने तक नागपुर की MSS संस्था में रहा, जो बेसहारा बच्चों और जरूरतमंद महिलाओं के लिए काम करती है। तभी मुंबई घूमने आए नीदरलैंड के एक दंपती ने उसे गोद लिया और यूरोप ले गए। संस्था की एक नर्स ने बच्चे का नाम “फाल्गुन” रखा, क्योंकि उसका जन्म फरवरी महीने में हुआ था।

फाल्गुन बिनेनडिज्क ने अपनी जिंदगी नीदरलैंड में बिताई और अब वे हीमस्टेड शहर के मेयर हैं। 41 साल बाद

9 जनवरी 2026

2026 का ताज महोत्सव: आगरा शिल्प और संस्कृति का वैश्विक आकर्षण

 

आगरा, उत्तर प्रदेश: 2026 का ताज महोत्सव आगरा में इतिहास और आधुनिकता के संगम के रूप में आयोजित होगा और इस बार शिल्प और हस्तशिल्प पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह महोत्सव केवल पर्यटन का अवसर नहीं होगा, बल्कि आगरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प और स्थानीय कलाकारों को वैश्विक मंच पर पेश करने का एक अनोखा अवसर बनेगा।

ताज महोत्सव का इतिहास: ताज महोत्सव की शुरुआत 1992 में हुई थी, और तब से यह आगरा की संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख कार्यक्रम बनता चला आ रहा है। 2026 में महोत्सव का आयोजन इस बार शिल्प-केंद्रित होगा, ताकि आगरा का पारंपरिक हस्तशिल्प, पार्चिनकारी, मोती की कारीगरी

7 जनवरी 2026

क्या आगरा सच में स्मार्ट सिटी बनकर आदर्श बन पाएगा

 

आगरा, जो ताजमहल के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, अब केवल एक ऐतिहासिक और पर्यटन शहर नहीं बल्कि भविष्य का स्मार्ट शहर बनने की राह पर है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह शहर सच में स्मार्ट सिटी बनकर आदर्श बन पाएगा ? स्मार्ट सिटी का मतलब सिर्फ तकनीक नहीं है। यह शहर को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, स्वच्छ और रहने योग्य बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। आगरा के लिए यह कदम बहुत मायने रखता है, क्योंकि लाखों पर्यटक हर साल यहाँ आते हैं और शहर की रोजमर्रा की समस्याएँ भी अब चुनौती बन चुकी हैं।

स्मार्ट आगरा से यातायात की समस्या कम हो सकती है, स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स और डिजिटल सिग्नल के माध्यम से जाम में राहत मिलेगी और नागरिक और पर्यटक आसानी से शहर में घूम सकेंगे। इसके साथ ही, कचरा प्रबंधन, हरियाली बढ़ाना और सार्वजनिक जगहों की साफ-सफाई