आगरा नगर निगम ने स्वच्छता के लिए नितिन जोहरी, वंदना और आर. पी. सक्सेना को ब्रांड एंबेसडर बनाया है। तीनों को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। उम्मीद है कि वे इस नई जिम्मेदारी को केवल एक औपचारिक पद के रूप में नहीं, बल्कि आगरा के लिए कुछ अच्छा करने के एक अवसर के रूप में लेंगे।
मेरे लिए यह इसलिए भी अच्छी खबर है क्योंकि आगरा जैसा शहर स्वच्छता के मामले में थोड़ा और ध्यान मांगता है। आगरा सिर्फ ताजमहल का शहर नहीं है। यह हमारा घर है, हमारी रोजमर्रा की जिंदगी है और हर दिन यहां रहने वाले लाखों लोगों की अपनी जगह है। हर साल देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी इसी शहर को देखते हैं। इसलिए आगरा साफ और सुंदर हो, यह केवल पर्यटन की जरूरत नहीं, बल्कि यहां रहने वाले हर व्यक्ति की जरूरत है।
लेकिन यहां एक बात बहुत जरूरी है। शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी सिर्फ नगर निगम या सफाई कर्मचारियों की नहीं हो सकती। नगर निगम को अपनी व्यवस्था बेहतर करनी ही चाहिए और सफाई कर्मचारियों की मेहनत का सम्मान भी होना चाहिए, लेकिन जब तक हम नागरिक अपनी आदतों पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक पूरी तस्वीर बदलना मुश्किल है।
स्वच्छता की शुरुआत हमारी अपनी आदतों से होनी चाहिए
हम अक्सर सड़क पर कूड़ा देखकर कहते हैं कि नगर निगम को सफाई करनी चाहिए। यह बात अपनी जगह सही है। कूड़ा उठना चाहिए, सफाई व्यवस्था ठीक होनी चाहिए और सार्वजनिक स्थानों की देखभाल होनी चाहिए। लेकिन कभी-कभी हमें खुद से भी पूछना चाहिए कि सड़क पर पड़ा वह कूड़ा आया कहां से?
अगर कोई सफाई कर्मचारी सुबह किसी जगह की सफाई करके जाता है और कुछ घंटे बाद उसी जगह फिर कचरा दिखाई देने लगे, तो समस्या केवल